मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गोमती नदी के तट पर दिया भगवान सूर्य को अर्घ्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छठ महापर्व 2025 पर सोमवार शाम को लखनऊ में लक्ष्मण मेला मैदान, पर गोमती के तट पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर प्रार्थना की।

इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और महापौर सुषमा खर्कवाल के साथ भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेता भी माैजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी के किनारे लक्ष्मण मेला पार्क स्थित छठ घाट पर पहुंचकर प्रदेशवासियों को छठ महापर्व की बधाई देने के साथ ही नदियों और सरोवरों को स्वच्छ बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक से डेढ़ वर्ष में सभी नालों को गोमती में गिरने से रोका जाए। गोमती का जहां तक प्रवाह है, इसे स्वच्छ बनाया जाए। इससे पहले योगी ने छठी मैया और सूर्यदेव को श्रद्धापूर्वक नमन किया। गोमती की आरती की, दीप  प्रज्‍जवलित किए और दुग्ध अर्पित कर पूजा-अर्चना की।

छठ महापर्व राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार शाम को व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन किया। लखनऊ में छठ पर्व के लिए खास तैयारियां की गई हैं।

पूजा करते सीएम योगी।
पूजा करते सीएम योगी।
लोकमंगल की कामना से जुड़ा है पर्व
सीएम योगी ने कहा कि यह पर्व भारत की प्राचीन विरासत को दर्शाता है और प्रकृति से संवाद सिखाता है। चार दिनों की कठिन साधना में बहनों की तपस्या को विशेष रूप से सराहते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवार की सुख-समृद्धि के साथ लोकमंगल की कामना से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौराणिक काल से चली आ रही यह परंपरा अब पूरे भारत में फैल चुकी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी इलाकों तक लाखों श्रद्धालु जुड़ रहे हैं। उन्होंने गाजियाबाद और नोएडा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां 50 हजार से एक लाख तक भक्त छठ मना रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि कोई मंदिर, सरोवर या तालाब ऐसा नहीं जहां श्रद्धालु न जुड़े हों। यह एकता न केवल सांस्कृतिक है, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता का भी संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और सामाजिक बंधन मजबूत करता है। 

स्वच्छता सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व- मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने कहा कि कोई देश तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसके नागरिक राष्ट्रीय कर्तव्य से नहीं जुड़ते। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को छठ से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण का आधार है। सीएम योगी ने सिंगल-यूज प्लास्टिक, पॉलीथिन और कूड़े के अंधाधुंध उपयोग पर रोक लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गंदगी के कारकों को हटाएं, उसे नदी-नालों में न फेंकें। अगर हर व्यक्ति इसका पालन करे, तो आधे से अधिक समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। नागरिकों के राष्ट्रीय कर्तव्य से जुड़े बिना राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता। विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में यह प्रयास मदद करेगा।

 

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