क्यों बनाई गई NSG ?, कब हुई स्थापना, इन ब्लैक कैट कमांडोज को भेद पाना नामुमकिन

देश की सबसे आधुनिक और प्रशिक्षित कमांडो फोर्स नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) अपना रेजिंग डे इस वर्ष 14 अक्टूबर को मनाएगी। इस बार एनएसजी अपने कार्यक्रम में अपनी ऑपरेशनल कैपेबिलिटी, मॉडर्न टेक्नीक्स और नए हथियारों से लैस क्षमता का प्रदर्शन करेगी। जानकारी के मुताबिक, एनएसजी रेजिंग डे के इस अवसर पर देश के गृह मंत्री अमित शाह चीफ गेस्ट होंगे।

देश की ‘ब्लैक कैट्स’- हर मिशन में परफेक्शन की पहचान

एनएसजी की स्थापना 1984 में देश में बढ़ते आतंकी खतरों और हाई रिस्क ऑपरेशन्स को देखते हुए की गई थी। इसे “ब्लैक कैट्स” के नाम से जाना जाता है। यह फोर्स हर प्रकार की आतंकी कार्रवाई, हाइजैकिंग या बंधक स्थितियों से निपटने के लिए बनाई गई है।

ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट और बढ़ती जिम्मेदारी

फिलहाल एनएसजी देश के कई रणनीतिक इलाकों में तैनात है। जम्मू-कश्मीर समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में इसके कमांडो तैनात हैं। आने वाले समय में सरकार इसका ऑपरेशनल रोल और बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में NSG की त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) सुनिश्चित की जा सके।

आधुनिकीकरण की राह पर एनएसजी

एनएसजी आने वाले महीनों में कई नई आधुनिक हथियार प्रणालियों, स्मार्ट टेक्नोलॉजी, और एआई-आधारित ऑपरेशनल सिस्टम्स को शामिल करने जा रही है। इसका लक्ष्य है कि आतंकवाद या शत्रु की किसी भी चुनौती का सामना करने में फोर्स को और अधिक सक्षम बनाया जा सके।

सेंट्रल हब और रीजनल डिप्लॉयमेंट

एनएसजी का मुख्यालय मानेसर (हरियाणा) में है, जबकि इसके रीजनल हब मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता और गांधीनगर में स्थापित किए गए हैं। इन हब्स का उद्देश्य देश के हर हिस्से में तेज़ प्रतिक्रिया समय (Rapid Response Time) बनाए रखना है।

वीवीआईपी सुरक्षा और नई भूमिका

एनएसजी न सिर्फ आतंकवाद-रोधी अभियानों में सक्रिय है, बल्कि यह देश के वीवीआईपी सुरक्षा की भी प्रमुख जिम्मेदारी निभा रही है। प्रधानमंत्री और अन्य उच्चस्तरीय नेताओं की सुरक्षा एनएसजी के विशेष रेंजर समूह (SRG) के हवाले होती है।

आधुनिक भारत की सुरक्षा ढाल

एनएसजी का आदर्श वाक्य- “सर्वत्र सर्वोत्कृष्ट सुरक्षा” उसकी हर कार्रवाई में झलकता है। आने वाले वर्षों में इसका दायरा और तकनीकी क्षमता दोनों बढ़ने की संभावना है। भारत की यह ‘ब्लैक कैट’ फोर्स न केवल देश की सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि यह आधुनिक भारत की प्रेसिजन, प्रोफेशनलिज़्म और परफेक्शन की मिसाल भी है।

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