सफाईकर्मी की ट्रीटमेंट प्लांट में डूबकर मौत, वाल्मीकि समाज ने न्याय के लिए किया धरना प्रदर्शन

बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र में जोरावरपुरा ट्रीटमेंट प्लांट पर ड्यूटी कर रहे सफाईकर्मी की गंदे पानी के गड्ढे में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान कालूराम वाल्मीकि के रूप में हुई है, जो शुक्रवार दोपहर से STF प्लांट पर काम कर रहा था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और तलाश शुरू की गई। इस दौरान प्लांट के पास उसका मोबाइल और जूते मिले, जिससे हादसे की आशंका और गहरी हो गई।

सुबह गड्ढे से मिला शव, परिजनों में मचा कोहराम
शनिवार सुबह ट्रीटमेंट प्लांट के गड्ढे से कालूराम का शव बरामद किया गया। शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। मौत की खबर फैलते ही वाल्मीकि समाज के लोग बड़ी संख्या में नवलीगेट सड़क मार्ग पर जमा हो गए और शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
समाज के लोगों और परिजनों ने आरोप लगाया कि प्लांट पर काम करने वाले सफाईकर्मियों की सुरक्षा के लिए कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यही लापरवाही कालूराम की मौत का कारण बनी। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा उपकरण और निगरानी की व्यवस्था होती, तो यह हादसा टल सकता था।

मुआवजे और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन
आक्रोशित परिजनों और समाज के लोगों ने अस्पताल परिसर में भी धरना शुरू कर दिया। वे मृतक परिवार को उचित मुआवजा, आश्रित को सरकारी नौकरी और प्लांट पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सैकड़ों की संख्या में लोग वहां जुटे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रशासन-समाज में वार्ता जारी
स्थिति बिगड़ते देख सीओ हिमांशु शर्मा मौके पर पहुंचे और समाज के मौजीज लोगों से बातचीत कर माहौल शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने हालात पर नियंत्रण बनाया हुआ है, हालांकि समाज के लोग अपनी मांगों पर डटे हुए हैं। प्रशासन और समाज के बीच वार्ता का दौर जारी है, लेकिन फिलहाल कोई सहमति नहीं बन पाई है।

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