लालू राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ आरोप तय करने का कोर्ट का फैसला

नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी स्कैम और बहुचर्चित ‘नौकरी के बदले जमीन’ (लैंड फॉर जॉब) मामले में लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुना दिया है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, जिससे आरजेडी के शीर्ष नेतृत्व पर कानूनी दबाव बढ़ गया है। कोर्ट के इस कदम से इन तीनों प्रमुख नेताओं को अब कानूनी प्रक्रिया के अगले चरणों का सामना करना पड़ेगा, जिसका सीधा असर बिहार की राजनीति और आरजेडी के चुनावी अभियान पर पड़ना तय है।
लैंड फॉर जॉब केस (नौकरी के बदले जमीन घोटाला)
इस मामले का संबंध लालू यादव के रेल मंत्री (2004 से 2009) कार्यकाल से है। सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव ने रेलवे में ग्रुप ‘डी’ की नौकरी देने के बदले में उम्मीदवारों से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से पटना में कीमती जमीनें रिश्वत के रूप में ली थीं। सीबीआई की विशेष अदालत ने पाया कि लालू यादव ने टेंडर प्रक्रिया में दखल दिया और इसमें बड़ा बदलाव कराया था। जज विशाल गोगने की कोर्ट ने इस मामले में 25 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए।


