भाषा विवाद पर गरमाई सियासत: DMK पर अलगाववाद फैलाने का आरोप, निर्मला सीतारमण ने साधा निशाना

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डीएमके भाजपा को घेरने के लिए भाषा और द्रविड़ पहचान जैसे भावनात्मक मुद्दे उठाती है, क्योंकि उसके पास भ्रष्टाचार और जातीय अपराधों के आरोपों का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि डीएमके की तथाकथित द्रविड़ राजनीति पर अलगाववादी मानसिकता हावी है।
सीतारमण ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं और कुछ तो जेल भी गए हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध, दलितों पर हिंसा और नशे की बढ़ती समस्या गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बिहार जैसे राज्यों पर कर-धन के बहाने झूठा अलगाववादी तर्क देती है।
क्या बिहार पाकिस्तान है?
उन्होंने कहा, डीएमके का कहना है कि उनके टैक्स का पैसा बिहार जा रहा है। क्या बिहार पाकिस्तान है? बिहार के लोग आपके कारखानों में काम करते हैं, आप मुनाफा कमाते हैं, तो टैक्स देश के लिए ही है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके का पूरा समय ऐसे अलगाववादी तर्क गढ़ने में ही बीतता है।
जातीय हिंसा और दलितों पर अत्याचार
सीतारमण ने दावा किया कि राज्य में दलित समुदाय लगातार जातीय हिंसा का शिकार हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक घटना में दलितों के पानी के स्रोत को मानव मल से दूषित किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से मेरा खून खौल उठता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में ‘ऑनर किलिंग’ के मामले लगातार हो रहे हैं।
नशे और अवैध शराब का मुद्दा
वित्त मंत्री ने चिंता जताई कि तमिलनाडु, जहां कभी नशे की समस्या नहीं थी, अब वहां स्कूलों तक में नशे का असर पहुंच रहा है। अवैध शराब के सेवन से दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि डीएमके सामाजिक न्याय की राजनीति की बात करती है लेकिन हकीकत में गरीब और दलित समुदाय इसकी सबसे ज्यादा मार झेल रहा है।


