सरकार का बड़ा फैसला: सभी विभागों की वेबसाइट का मुख्य पृष्ठ मराठी में अनिवार्य किया गया

महाराष्ट्र सरकार ने सभी विभागों और मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि उनकी वेबसाइट का मुख्य पृष्ट (ओपनिंग पेज) अनिवार्य रूप से मराठी भाषा में होना चाहिए। इसके साथ ही वेबसाइट का डिजाइन और नाम रखने का तरीका (नेमिंग प्रोटोकॉल) भी एक जैसा होना चाहिए। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
‘मुख्य पृष्ठ मराठी भाषा में करना अनिवार्य’
अधिकारी ने बताया कि यह फैसला सरकार के अगले डेढ़ सौ दिनों के प्रदर्शन के लक्ष्यों के तहत लिया गया है। उन्होंने कहा, आज के साइबर धोखाधड़ी और गुमराह करने वाली वेबसाइट के दौर में यह कदम जरूरी है। सभी मंत्रालयों और विभागों को एक निर्धारित डिजाइन में वेबसाइट तैयार करनी होगी, जिसमें उनकी वेबसाइट का नाम ‘.gov.in’ डोमेन के साथ होना चाहिए। वेबसाइट का मुख्य पृष्ठ मराठी में करना अनिवार्य रहेगा, क्योंकि मराठी राज्य की आधिकारिक भाषा है।
‘एक समान होगा सभी वेबसाइट का यूजर इंटरफेस’
उन्होंने आगे बताया कि वेबसाइट पर अंग्रेजी में भी जानकारी पढ़ने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। यह निर्देश राज्य सरकार की एक बड़ी पहल का हिस्सा है, जिसका मकसद सभी विभागों में एकरूपता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, सभी सरकारी वेबसाइट पर एक समान यूजर इंटरफेस होगा, जिसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रियों और राज्यपाल के नाम, साथ ही नागरिक सेवाओं, सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम और ‘आपले सरकार’ जैसी विभागीय योजनाओं के प्रमुख लिंक शामिल होंगे।
सरकार के कामकाज के अनुभव के आधार पर उठाया गया कदम
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह फैसला सरकार के पहले सौ दिनों के प्रदर्शन के अनुभव के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा, पहले हर विभाग ने अपने-अपने लक्ष्य तय किए थे, जिससे तुलना करना मुश्किल हो गया था। उदाहरण के लिए, जैसे किसी विभाग ने पुराने कानूनों में सुधार को लक्ष्य बनाया, तो किसी ने केवल कामकाज को आसान बनाने पर फोकस किया। इससे आकलन में असंतुलन आ गया। अब मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सभी विभागों के लिए एक जैसे मानदंड तय करने पर जोर दिया है, ताकि प्रदर्शन की उचित तुलना हो सके।



